छत्तीसगढ़ की जनजाति

छत्तीसगढ़ जनजाति वास्तव में भारत के आदिवासियों के लिए होने वाला है एक वैधानिक समुदाय आदिवासी शब्द का अर्थ मूल निवास होता है पुरातन लेखों में आदिवासियों को अस्त्वि का और वनवासी भी कहा जाता था वे दुर्गम और दुरुस्त जगह में निवास करते थे
इनकी अपनी खुद की बोली भाषा संस्कृति और जीवन शैली हुआ करता था अरे आदिवासियों के लिए भारतीय संविधान में अनुसूचित जनजातीय शब्द का उपयोग किया गया है अनुसूचित जनजाति भारत के संविधान में एसटी का दर्जा प्राप्त करने वाले समुदायों को कुछ संरक्षण प्रदान किए गए हैं
संविधान के अनुच्छेद 342 के अंतर्गत राष्ट्रपति का अधिकार के वह किसी भी जनजाति समूह को अनुसूचित घोषित कर सकते हैं जी समुदाय को अनुच्छेद 342 के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया है इन्हीं को ही आधिकारिक रूप से अनुसूचित जनजाति कहा जाता है
भारत में जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा आदिवासियों का माना जाता है भारत में कुल जनसंख्या कल लगभग 8.6% जनजातियों का है
न्यूनतम अनुसूचित जनसंख्या वाला राज्य – हरियाणा और पंजाब
सर्वाधिक अनुसूचित जनसंख्या प्रतिशत वाला राज्य – मिज़ोरम जो 94.5% है
सर्वाधिक अनुसूचित संख्या प्रतिशत वाला केंद्र शासित प्रदेश – लक्ष्यद्वीप 94.8% है
न्यूनतम जनसंख्या वाला राज्य गोवा जो कि 0.4% है
सार्वाधिक अनुसूचित जनजाति जनसँख्या वाले राज्यों के क्रम
स्त्रोत- भारतीय जनगणना 2011
राज्य | कुल ST जनसँख्या | भारत के कुल ST जम्संख्या का प्रतिशत |
मध्यप्रदेश | 155.3लाख | 14.70% |
महाराष्ट्र | 105.3लाख | 10.10% |
उड़ीसा | 95.9 लाख | 9.20% |
राजस्थान | 92.8 लाख | 8.90% |
गुजरात | 89.6 लाख | 8.60% |
झारखण्ड | 86.5 लाख | 8.30% |
छत्तीसगढ़ | 78,22,902 | 7.50% |
जनजाति की कुल जनसंख्या पहला मध्यप्रदेश दूसरा महाराष्ट्र तीसरा उड़ीशा तथा छत्तीसगढ़ सातवे स्थान पर है तथा छत्तीसगढ़ को कुल जनसँख्या 78,22,902 है और भारत की कुल जनसँख्या 7.5% है
सार्वाधिक अनुसूचित जनजाति प्रतिशत वाले राज्यों के क्रम
स्त्रोत – भारतीय जनगणना 2011
राज्य / के. शा. प्रदेश | कुल जनसँख्या का प्रतिशत |
लक्ष्यद्वीप | 94.8% |
मिजोरम | 94.4% |
नागालैंड | 86.5% |
मेघालय | 86.1% |
अरुणाचल प्रदेश | 68.8% |
नोट – भारत में भील जनजाति की संख्या सबसे अधिक है इसमें सर्वाधिक अनुसूचित जनसँख्या % वाले राज्य है जिसमे सबसे पहला मिजोरम 94.4% , दूसरा नागालैंड 86.5%, और तीसरा जो सबसे कम है अरुणाचल प्रदेश 86.1% है केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार लक्ष्यद्वीप पहले नंबर पे आती है जो 94.8% है
जनजाति समूह का वर्गीकरण
निग्रिटो भारत में सबसे पहले आने वाली जनजाति है छत्तीसगढ़ की जनजाति Tribe Of Chhattisgarh
प्रोटो-ऑस्ट्रेलायड – सबसे ज्यादा विस्तृत जो छत्तीसगढ़ जनजाति पाई जाती है वो इसी के अंतर्गत आती है तथा इसमें और अन्य जनजाति भी सामिल है जैसे की मंगोलायड ,मेडीटेरियन, पश्चिमी ब्रेकीसेफ्ल्स और नॉर्डिक जिसे भारतीय सभ्यता की जजनी के नाम के जाना जाता है छत्तीसगढ़ में मुख्यतः निग्रिटो एवं प्रोटो- ऑस्ट्रेलायड समूह के जनजाति निवास करते हैं
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छत्तीसगढ़ की जनजाति
छत्तीसगढ़ जनजाति बहुल राज्य है जनगणना 2011 के अनुसार राज्य में जनजातियों की • जनसँख्या 78, 22,902 है छत्तीसगढ़ की कुल जनसँख्या में जनजातियों का प्रतिशत- 30.62% राज्य में पिछले एक दशक में जनजातियों के कुल जनसँख्या प्रतिशत में कमी देखी गयी है आपको बता दें की 2001 की जनगणना में जनजातियों का प्रतिशत 31.24% था छत्तीसगढ़ में कुल 42 प्रकार के जनजाति निवास करते हैं छत्तीसगढ़ में जनजातियाँ लगभग 161 उप जातियों में विभाजित है छत्तीसगढ़ की अधिकांश जनजाति प्रोटो- ऑस्ट्रेलायड समूह की है राज्य का लगभग 81,861 वर्ग किमी क्षेत्र अनुसूचित क्षेत्र घोषित है इसमें लगभग 19 जिले पूर्ण एवं आंशिक रूप से अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं

छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जिले
कोरिया | राजनांदगांव – मोहला, मानपुर एवं चौकी विकासखंड |
सूरजपुर | धमतरी – सिहावा-नगरी विकासखंड |
बलरामपुर | गरियाबंद – गरियाबंद, छुरा, मैनपुर विकासखंड |
सरगुजा | कांकेर |
जशपुर | जशपुर |
गौरेला – पेंड्रा – मरवाही | नारायणपुर |
कोरबा | कोंडागांव |
बालोद डौंडी विकासखंड | दंतेवाडा |
रायगढ़ लौलूँगा, खरसिया, तमनार | बस्तर |
धरमजयगढ़, घरघोड़ा विकासखंड | सकुमा |
राज्य में जनजाति से सम्बंधित महत्पूर्ण आंकड़े
कुल जनसंख्या – 78,22,902) इसमें महिलाओं की जनसंख्या पुरुष जनसँख्या – 38,73,191 नोट- जनजातियों में महिलाओं की जनसँख्या पुरुषों से अधिक है जनजातियों का लिंगानुपात 1020 है साक्षरता दर – 59.09% जनजाति विस्तार- 81,861, 88 वर्ग किमी 5 अनुसूचित क्षेत्रफल प्रतिशत – 60.5% कुल जनजाति – 42 ( उपजाति लगभग 161 ) को महान बनाता है इनमें भारतीय संबिधान के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति 5 है
राज्य के 42 अनुसूचित जनजातियाँ
अगरिया, बिरहुल,अंध, दमोर, धनवार, कोंध, कोल, बैगा, कोलम, भैना, गडाबा, कोरकू, भारिया, गोंड, कोरवा, भतरा, हलबा, माझी, मझवार,भील, कमार, मीना ,कोरकू, मवासी ,भुंजिया, कवर, मुण्डा, बियार, खैरवार, नगेशिया, बिंझवारखड़िया, उरांवपाव, परधान, पारधी, परजा, सहारिया, साओत, सौर, सवार, सोर, यह कुल 42 अनुसूचित जनजातियां है |
जनजातियों की उपजातियां
भरिआ – भारिआ, भूमिआ, भूमियाँ, भूईहर, पालिहा, पंडो
भील – भिलाला, बारेला, पटेलिया,
बियार – बीयार
बिरहुर – बिरहोर
डामोर – डमरिया
गदबा – गदाबा
गोंड – अरख, अर्राख, अगरिया, असुर, बड़ी बड़ा मारिया, बड़े मारिया, बड्डे मारिया, बाइसन मरिया, गट्टा, हार्न मारिया, छोटा मारिया, हिल मारिया दण्डामी मारिया भटोला, कूचा मारिया, कुचकी मारिया, माडिया, मरिया, भीम्मा, भूता कोयला भूता, भार, धुरु, धोबा, धुलिया, दोरला, गायिकी, गट्टी, गैटा, गोंड गोवारी, कंडरा, कलंगा, खटोला कोयतर, कोया, खिरवार, खिरवारा, माना, मनेवार, मोघ्या, मोघया, मेगिया, मोंगिया, मुडिया, मुरिया, नागवंशी, नगारची, ओझा, राजगोंड, सोनझरी, झरेका, थाटिया, थोटया, दरोई
हलबा – हलब
कवर कंवर, कौर, कौर, चेरवा, राठिया, तंवर, छत्री
खैरवार कोंडार
कोंध- खोंड, कांध
कोरकू – बोपची, मोवासी, निहार, नाहुल, बोंधी, बोंडेया For all
कोरवा – कोडाकू
नगेसिया – नागासिया
उरांव धानका, धांगड
परधान पथारी, सरौती –
पारधी – बहेलिया, बहेल्लिया, चिता पारधी, लंगोली, पारधी, फांस पारधी, शिकारी, टकनकर, टाकिया, को महान व
सहारिया – सहरिया, सेहारिया, सोसिया, सोर
साओत सौंता
सवर सवरा इन 42 जनजातियों में कुछ जनजातियों के महत्पूर्ण तथ्य-
छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी जनजाति है अबूझमाड़िया छत्तीसगढ़ की सबसे पिछड़ी जनजाति है हल्बा आर्थिक दृष्टि से संपन्न जनजाति है सबसे साक्षर जनजाति है उरांव सांस्कृतिक रूप से संपन्न जनजाति मुड़िया है
वर्तमान में कुल जनसँख्या के आधार पर शीर्ष 10 जनजाति राज्य का क्रम-
जशपुर, बलरामपुर, जशपुर, बस्तर, साधुन, विज्ञायपुर, रायगढ़, कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर, बिलासपुर, कांकेर, कोंडागाँव, राजनादगांव
जनसँख्या प्रतिशत के आधार पर
सुकमा, बलरामपुर, कोरणा, बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाडा, कोंडागाँव, बलरामपुर, बस्तर, जशपुर, सरगुजा, कांकेर यह दस जनजाति राज्य का क्रम है
सार्वाधिक जनजाति जनसंख्या प्रतिशत वाले जिले
जनगणना 2011 के अनुसार : ( उस समय 18 जिले थे )
सर्वाधिक जनजाति जनसँख्या वाला जिला: सरगुजा (13,00,628)
न्यूनतम जनजाति जनसँख्या वाला जिला – नारायणपुर (1,39,820)
सर्वाधिक जनजाति प्रतिशत वाला जिला – बीजापुर ( 80% )
न्यूनतम जनजाति प्रतिशत वाला जिला – जांजगीर-चाम्पा (11.56%)
वर्तमान स्थिति में – छत्तीसगढ़ की जनजाति Tribe Of Chhattisgarh
सर्वाधिक जनजाति जनसँख्या वाला जिला – जशपुर (5,30,378)
न्यूनतम जनजाति जनसँख्या वाला जिला – बेमेतरा (37,185)
सर्वाधिक जनजाति प्रतिशत वाला जिला सुकमा ( 83.47% )
न्यूनतम जनजाति प्रतिशत वाला जिला – रायपुर (4.30% )
छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजाति
राज्य में निम्न 5 विशेष जनजातियाँ निवास करतीं है-
- बैगा
- पहाड़ी कोरवा
- बिरहोर
- कमार
- अबूझमाड़िया
राज्य में इन 5 विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए इनके सक्रेंद्रण स्थानों के आसपास अलग-अलग अभिकरण गठित किये गये हैं
पिछड़ी जनजातियाँ | सकेन्द्रण स्थल | विकास अभिकरण मुख्यालय |
बैगा | कवर्धा, मुंगेली,बिलासपुर | कवर्धा – बैगा विकास अभिकरण बिलासपुर – बैगा एवं पहाड़ी कोरवा विकास अभिकरण |
पहाड़ी कोरवा | कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर, रायगढ़, जशपुर | अंबिकापुर – पहाड़ी कोरवा विकास अभिकरण |
बिरहोर | जशपुर | जशपुर – पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर विकास अभिकरण |
कमार | गरियाबंद, धमतरी | गरियाबंद – कमार विकास अभिकरण |
अबूझमाड़िया | नारायणपुर | नारायणपुर – अबूझमाड़िया विकास अभिकरण |
वर्ष 2002-03- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पंडो तथा भुंजिया जनजाति को विशेष पिछड़ी जनजाति के समतुल्य मानते हुए अलग विकास अभिकरण गठित किया गया
सुरजपुर – पंडो विकास अभिकरण
गरियाबंद – भुंजिया विकास अभिकरण यह अभिकरण राज्य सरकार द्वारा किया गया है
आदिवासी छेत्रो का विभाजन – 1. उत्तर पूर्वी के अंतर्गत बिलासपुर और सरगुजा संभाग आता है 2.मध्यवर्ती छेत्र में दुर्ग तथा रायपुर संभाग है और 3. दक्षिण छेत्र के अन्तर्गतं पूरा बस्तर संभाग आता है हमारा आर्टिकल अब यही समाप्त होता है मई आशा करता हु की आपको हमारी आर्टिकल अछि लगी होगी छत्तीसगढ़ की जनजाति Tribe Of Chhattisgarh|
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